“उदास कर देती है हर रोज...ये शाम मुझे

“उदास कर देती है हर रोज...ये शाम मुझे

“उदास कर देती है हर रोज...ये शाम मुझे..., लगता है जैसे...कोई भूल रहा हो मुझे...आहिस्ता आहिस्ता...!”...

Close